Bedtime Stories in Hindi Moral / बच्चों की लोकप्रिय कहानियां हिंदी में

Bedtime Stories in Hindi  पाठकगणों यह Bedtime Stories in Hindi To Read जरूर पसंद आएगी।  इसमें बहुत ही बेहतरीन Bedtime Stories in Hindi With Moral  की कहानी दी गयी है। 

 

 

 

 

अहंकार ( Bedtime Stories in Hindi With Moral ) 

 

 

 

 

यह हिंदी शिक्षाप्रद कहानी है।  इस कहानी से आपको बहुत अच्छी सीख मिलेगी। सागर के नीचे एक राज्य था।  जहां एक जलपरी रहा करती थी। उसके पिता उस राज्य के राजा थे। जलपरी एक जलपरे से बहुत प्रेम करती थी।

 

 

 

 

वह उसके साथ सागर पर घूमने जाती।  सागर के तट पर बैठ घंटों वे दोनों बातें करते रहते थे। एक  दिन की बात है वे दोनों आपस में बात कर रहे थे तभी एक जलपरी सेविका ने आकर बताया कि उसके पिता की तबीयत बहुत खराब है।

 

 

 

 

यह सुनकर जलपरी वहां से तुरंत ही अपने घर के लिए चली गई।  उसी समय उस तट पर जलपरे की बहन आई  और उसने जलपरे से पूछा, “ओहो!आज जलपरी नहीं आई क्या ?”

 

 

 

 

तब जलपरे  ने कहा, “आई थी, अभी एक सेविका  ने आकर बताया कि उसके पिताजी की तबीयत बहुत खराब है और इसलिए वह चली गई।  ” जब जलपरी  अपने पिताजी के पास पहुंची तो उसके पिता ने कहा, ” कि बेटा अब मेरी उम्र बहुत हो चुकी है और मेरी तबीयत भी अक्सर खराब रहती है।  इसीलिए मैं सोच रहा हूं कि इस राज्य का नया  शासक चुना जाए।  ”

 

 

 

 

“जैसी आपकी इच्छा ” जलपरी ने कहा। उसके बाद जलपरी के पिताजी ने एक मीटिंग बुलाई और उसमें उन्होंने राज्य के लिए चुनाव कराने की घोषणा की।

 

 

 

 

Bedtime Stories in Hindi To Read

 

 

 

उस चुनाव में जलपरी को नया  शासक चुना गया क्योंकि जलपरी बहुत ही विनम्र थी और वह राजा की पुत्री  भी थी जिससे उसे राज्य का अनुभव भी था और इसीलिए राज्य की जनता ने जलपरी का चुनाव किया।

 

 

 

 

उसके बाद कुछ दिन तो सब कुछ सही रहा।  परन्तु कुछ दिन बाद जलपरी  का स्वभाव अचानक से ही बहुत खराब हो गया।  वह बात – बात पर सबको डांटती और शासक होने का रौब  दिखाने लगती।

 

 

 

 

 

जलपरे और उसकी बहन ने भी उसे समझाने की बहुत कोशिश की। जलपरी के पिता ने भी उसे समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी।

 

 

 

 

एक  दिन जलपरे  ने जल परी से कहा, ” तुम मुझसे प्रेम करती हो तो क्या अब हम विवाह बंधन में बंध जाएं ? ” तब जलपरी  ने कहा, ” तुम मेरे लायक नहीं हो। अब मैं इस राज्य की  शासक हूं और एक तुम साधारण से जलपरे।  अतः हमारा मिलन अब नहीं हो सकता।  ”

 

 

 

जलपरे को उसकी बात बहुत बुरी लगी   और वह  वहां से चला गया। एक  दिन की बात है जलपरी समुद्र की सतह पर टहल रही थी  तभी उसे अचानक एक जहाज दिखी।

 

 

 

 

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वह राजघराने की जहाज थी जिसमें एक राजकुमार बैठा हुआ था।  जलपरी तेजी से उस जहाज के पास  गई और राजकुमार से कहा, ” मैं समुद्र के नीचे बसे एक राज्य का शासक हूँ और तुम एक राजकुमार।  क्या हम एक अच्छे दोस्त हो सकते हैं ?”

 

 

 

 

राजकुमार ने कहा, ” क्यों नहीं हम एक अच्छे दोस्त हो सकते हैं ” यह बात बात करते हुए जलपरे और उसकी बहन ने देख लिया था और वे दोनों तुरंत ही जलपरी के पिताजी के पास पहुंचे और उनसे कहा, ” जलपरी जब से  शासक बनी है उनका व्यवहार बहुत ही बदल गया है। अब तो मानव के साथ मिलने लगी है। आपको तो पता ही है मानव  बहुत ही चालाक होते हैं और कभी भी जलपरी को नुकसान पहुंचा कर इस राज्य पर आक्रमण कर सकते हैं।  ”

 

 

 

 

 

तब जलपरी  के पिता ने कहा, ”  चिंता ना करें,  समय आने पर सब कुछ सही हो जाएगा।  राजकुमार और जलपरी पर ध्यान दें।  ” एक  दिन की बात है  राजकुमार ने जलपरी से कहा, ” आओ मेरे जहाज पर बैठ जाओ। मैं  तुम्हें सागर की सैर कराता हूं और अपनी खूबसूरत राजधानी  को भी दिख लाता हूं।  ”

 

 

 

 

जलपरी राजकुमारी पर विश्वास कर चुकी थी।  राजकुमार के कहने पर वह  जहाज पर बैठ गई। यह राजकुमार की चाल थी। राजकुमार ने जलपरी  के जहाज पर बैठते ही उसे बंधक बना लिया और उसे अपने राज्य की तरफ ले जाने लगा। जलपरी ने उससे कहा, ”  मुझे कहां ले जा रहे हो ? और अगर ले ही  जाना था तो फिर हमें बंधक क्यों बनाया ?”

 

 

 

 

राजकुमार हंसा और बोला, ”  हम तुम्हें अपने  राज्य ले जा रहे हैं और तुम्हारे समुद्र की बेशकीमती मणि के मिलने के बाद ही हम तुम्हे छोड़ेंगे।  ” जलपरी  को अपनी गलती का एहसास हो चुका था।  वह रोने लगी।

 

 

 

 

 

तभी जलपरे ने  अपने  सैनिकों के साथ अचानक से उस जहाज पर हमला कर दिया।  अचानक हुए इस हमले से राजकुमार और उसके सैनिक आश्चर्यचकित रह गए।

 

 

 

 

कुछ ही क्षणों में जलपरे और उसके सैनिकों ने राजकुमार को हरा दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया। उसके बाद जलपरे ने जलपरी को छुड़ाकर  राज्य में वापस लेआया।

 

 

 

 

 

जलपरी  अपनी गलती पर शर्मिंदा थी।  उसने कहा  कि, ” मैं अब शासक का पद छोड़ना चाहती हूं।  मैं इस पद के काबिल नहीं हूं। ” उसके बाद जलपरे को राज्य का नया शासक चुना गया और  उसके बाद  जलपरी के साथ उसका विवाह हो गया और सभी लोग खुशी-खुशी रहने लगे।

 

 

 

गलती का एहसास ( Bedtime Stories in Hindi Pdf Download )

 

 

 

 

 

2- एक बहुत ही अच्छा शहर था।  वहाँ पर रीना और मीना नाम की दो सगी बहने अपने मम्मी – पापा के साथ ख़ुशी – ख़ुशी रहती थी।  रीना 6 साल की थी और मीना 9 साल की थी।

 

 

 

एक  दिन की बात है मीना और रीना अपनी मम्मी-पापा के साथ में रात का भोजन कर रही थी।  तभी रीना का दांत हिलने लगा और उसे भोजन करने में परेशानी होने लगी।

 

 

 

 

उसने अपनी मम्मी से कहा, ” नहीं मैं  भोजन नहीं करूंगी। मेरा दांत टूटने वाला है।  ” तब  उसकी मम्मी ने उसे समझाया, ” बेटा आप मुंह के दूसरी तरफ से जहां दांत दर्द नहीं कर रहा है उस तरफ से भोजन करो।  सब के दांत टूटते हैं और फिर नए दांत आते हैं और हां जब तुम्हारे दांत टूट जाए तो उसे तकिए के नीचे रख देना।  इससे दांतों की परी आएगी और तुम्हें आसमान में  घुमाने  ले जाएगी। ”

 

 

 

 

क्या सच में दांतो की परी आती है ? रीना ने कहा।  इस पर उसकी मम्मी ने कहा, ” हां सच में दांतों की परी आती है, लेकिन वह सिर्फ उन्हीं बच्चों के पास आती है जो अच्छे से भोजन करते हैं।  ” उसके बाद रीना ने खुशी-खुशी भोजन कर लिया।

 

 

 

जब रीना मुंह धोने के लिए गई तो उसका दांत और भी तेजी से हिलने लगा और वह टूट गया। रीना को अपनी मम्मी की बात याद आ गई।  उसने टूटे हुए दांत को तकिए के नीचे रखा और सो गई।

 

 

 

 

रात को उसके कमरे की खिड़की खुली और कुछ आहट हुई। आहट सुनकर रीना  की नींद खुल गई। उसने देखा एक परी सामने पर ही खड़ी थी। वह  बहुत खूबसूरत थी।  उसने चमकीला ड्रेस पहना हुआ था  और उनके  पंख भी थे।

 

 

 

 

परी ने कहा रीना मैं दाँतों की परी हूँ ।  तुम अपने टूटे हुए दांत मुझे  दे दो और मैं तुम्हे आसमान में  घुमाने ले जाऊंगी। रीना बड़ी खुशी हुई। उसने अपने टूटे हुए दांत परी  को दी।

 

 

 

उसके बाद परी ने अपनी जादुई छड़ी से रीना को भी नन्ही परी  बना दिया और उसे लेकर बादलों के बीच में आ गयी और उसके बाद वे दोनों खूब  घूमी।  कुछ देर बाद  दोनों वापस आ गए।

 

 

 

 

उसके बाद परी ने रीना को वापस उसके रूप में ला  दिया और जब परी  जाने लगी तब रीना ने कहा अब आप फिर कब आओगी ? परी  ने कहा, ” जब तुम्हारे दूसरे दांत टूट जाएंगे तो फिर मैं उन्हें लेने आऊंगी।  ”

 

 

 

इसके बाद परी  चली गई।  सुबह हुई रीना ने यह बात अपने मम्मी पापा और अपनी बड़ी बहन मीना को भी बताया।  इससे मीना भी बहुत खुश हुई।  उसने कहा, ” मेरे  भी दांत टूटने वाले हैं। अब मैं भी उसे अपने तकिए के नीचे रखूंगी और परी आएगी  तो मैं भी उसके साथ बादलों में घुमाने जाऊंगी।  ”

 

 

 

 

कुछ दिन बाद मीना के दांत टूट गए। उसने दांतो को अपने तकिए के नीचे रखा और सो गई।  लेकिन रात को उसकी छोटी बहन रीना  दाँतों को चुरा लिया। वह परी से मिलना चाहती थी।

 

 

 

 

उसने दांतो को अपने तकिए के नीचे रखा और सो गई।  कुछ देर बाद उसकी नींद खुली उसे ऐसा लगा जैसे उसके सारे दांत टूट गए हो। उसने तुरंत ही शीशे में देखा तो उसके सारे दांत टूट गए थे।

 

 

 

 

रीना वहीं खड़ी ही थी, तब तक मीना भी जाग गई और तभी वहां दांतो की परी भी आ गई। तब रीना ने उससे कहा,” मेरे सारे दांत टूट गए हैं।  अब क्या होगा ?”

 

 

 

तब परी ने कहा, ”  तुमने  चोरी की है।  तुमने मीना के दांत चुराए।  तुम्हें इसकी सजा मिली है। ”  रीना को अपनी गलती का एहसास हो गया। उसने कहा,” अब मैं कभी चोरी नहीं करूंगी।  एक अच्छी बच्ची बनूंगी और मैं कभी लालच भी नहीं करूंगी। ”

 

 

 

 

उसके बाद दांतों की परी खुश हुई।  उसने रीना के दांत लौटा दिए और  दोनों को लेकर आसमान में गई। दोनों बहनों ने खूब मस्ती की और उसके बाद दाँतों  की परी उन्हें उनके कमरे में छोड़ दिया और वह चली गयी।  उसके बाद दोनों बहने सो गयीं।

 

 

 

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