Hindi Kahani Moral Reading / ईमानदार किसान की हिंदी की 3 कहानी जरूर पढ़ें

Hindi Kahani Reading

Hindi Kahani इस पोस्ट में Hindi Kahani Pdf  की तीन Stories in Hindi दी गयी है।  सभी Hindi Kahani New बहुत ही अच्छी हैं।  आप से जरूर पढ़ें।  

 

 

 

 

किसान की कहानी ( Hindi Kahani For Kids ) 

 

 

 

 

एक गांव में एक किसान रहता था। वह रोज  अपने खेतों में जाता और खेती का काम करता और उसी से उसकी रोजी-रोटी चलती थी। एक दिन वह अपने खेतों में काम कर रहा था तभी उसका फावड़ा एक कठोर चीज से टकराया।

जब उसने थोड़ी और खुदाई की तो उसमें घडा  निकला।  किसान ने सोचा  यह घडा  किसका हो सकता है और इतना बड़ा घडा आखिर किस काम है।  यह सोच कर किसान ने उस घड़े को बगल में रख दिया और फिर से अपने काम में लग गया।

 

 

 

 

किसान की बहुत अच्छी कहानी ( Hindi Kahani Written ) 

 

 

 

 

दोपहर हुई और किसान के  भोजन करने का समय आ गया तो उसने अपना फावड़ा उस  घड़े में डाल दिया और भोजन करने चला गया। जब वह भोजन करके वापस अपने खेत पर आया तो आश्चर्यचकित रह गया।

 

 

 

वह घडा फावड़ों से भर गया था।  किसान ने सोचा  ऐसा कैसे हो सकता है ?  एक फावड़ा इतने फावड़ों में कैसे बदल सकता है ? उसे कुछ शक हुआ।

 

 

 

तब उसने पास के आम के पेड़ से एक आम तोड़ा और उस घड़े में से फावड़ों को निकालकर उसमें आम का फल डाल दिया और यह क्या ? वह घडा कुछ ही समय में आम के फल से भर गया।

 

उसने आमों की गिनती की तो वह पुरे सौ थे और फिर उसने फावड़ों की गिनती की वह भी पुरे सौ थे।  तब किसान समझ गया इस घड़े में जादू है।  इसमें जो भी सामान डालो वह कुछ देर में  उनकी संख्या १०० हो जाती है।
किसान उस उस घड़े को लेकर अपने घर आया और अपनी जरूरत की चीजों को उसमें एक एक करके डालने  लगा और कुछ ही समय बाद उसके घर में चीजें  पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गई।
धीरे-धीरे उस किसान का लालच बढ़ने लगा।  वह तमाम चीजों को उस घड़े में डालता और उसे बाजार में ले जाकर बेच  देता और उससे उसे बहुत पैसा मिलता।
धीरे-धीरे वह बहुत अमीर हो गया। यह बात गाँव के मुखिया को खटकने लगी।  उसने सोचा 2 सालों से इस किसान की फसल भी बर्बाद जा रही है इसके बावजूद भी इसके पास इतना पैसा कैसे आ गया ?
उसने अपने नौकरों को यह पता लगाने के लिए भेजा।  एक  दिन की बात है जब किसान  उस घड़े में एक सेब डाला और कुछ समय बाद वह घड़ा  सेब से भर गया तो यह सब मुखिया की नौकर  छुपकर देख रहे थे।
उन्हें बड़ा आश्चर्य हुआ।  उन्होंने आपस में बात की अगर यह घडा  हमें मिल गया तो समझो हमारी नसीब खुल गई।  उन्होंने यह बात जाकर मुखिया को बताई।
मुखिया अपने नौकरों के साथ उस किसान के घर आया और उससे वह घडा छीन  लिया।  मुखिया ने उस घड़े में एक स्वर्ण मुद्रा डाली और देखते ही देखते घडा स्वर्ण मुद्राओं से भर गया।
यह देखकर नौकरों में  लालच आ गया। मुखिया उस घड़े  को अपने पास रखना चाहता था जबकि उसके नौकर उस घड़े को अपने पास रखना चाहते थे और इसी क्रम में वे  आपस में छीना झपटी करने लगे और इस छीना झपटी में घड़ा उनके हाथ से गिरा और टूट गया और घड़े की टूटते ही स्वर्ण मुद्राएं भी खत्म हो गई।
मुखिया और उसके नौकर बहुत निराश हुए  और चुपचाप वहां से चले गए।  किसान ने सोचा सचमुच लालच बुरी बला है। अब मैं भी मेहनत से अपने खेतों में काम करूंगा और खुशी की जिंदगी जिऊँगा।

सच्ची दोस्ती ( Hindi Kahani For Kids ) 

 

2-  समुद्र किनारे घने जंगलों में एक इच्छाधारी नागिन रहती थी।  उसकी दो सहेलियां भी थी।  दोनों सहेलियां इच्छाधारी नागिन से जलन रखती थी लेकिन इच्छाधारी नागिन इस बात से अनजान थी।

 

 

 

वे  इच्छाधारी नागिन के बारे में बुरी बुरी बातें कह रही थी।  यह बात एक दिन  इच्छाधारी नागिन ने सुन ली। उसे यह बहुत बुरा लगा। उसने सोचा  कोई ऐसी सहेली को जो दिल की साफ हो और सच्ची सहेली हो।

 

 

 

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यह जानने के बाद भी कि उसकी सहेलियां उससे जलन रखती हैं फिर भी इच्छाधारी नागिन ने उनके साथ  कोई खराब बर्ताव नहीं किया और  ना ही उनके साथ किसी प्रकार का खराब व्यवहार किया।

 

 

 

वह पहले की तरह ही उनसे मिलने लगी। लेकिन उसके मन में निराशा जरूर थी।  एक  दिन की बात है समुद्र में तूफान आया।  तूफान बहुत तेज था जिसमें बहुत ज्यादा क्षति हुई  थी।

 

 

 

 

तूफान के शांत होने के बाद इच्छाधारी  नागिन समुद्र तट पर गई।  वह देखना चाहती थी कि समुद्र के इस समय हालात कैसे हैं ? जब वह वहाँ  पर पहुंची तो उसे एक समुद्र की जलपरी दिखाई दी जोकि बेहोशी की हालत में समुद्र तट पर पड़ी हुई थी।

 

 

 

 

इच्छाधारी नागिन ने अपनी  जादुई शक्तियों से जलपरी को होश में लाया और उसे फिर पानी में छोड़ दिया। पानी में जाने के बाद जलपरी ने नागिन को धन्यवाद कहा और कहा कि क्या हम एक अच्छे दोस्त बन सकते हैं ?

 

 

 

नागिन ने कहा हाँ हम  एक अच्छे दोस्त बन सकते हैं। उसके बाद जलपरी और नागिन रोज एक दूसरे से उसी तट पर मिलने लगे और खूब ढेर सारी बातें करने लगे।

 

 

 

नागिन जंगल की बातें बताती तो जलपरी समुद्र की।  दोनों एक अच्छे मित्र बन चुके थे।  यह बात नागिन की सहेलियों को अच्छी नहीं लगी। एक दिन इच्छाधारी नागिन की दोनों सहेलियों ने  जलपरी से कहा, ” इच्छाधारी नागिन बहुत ही बुरी है।  वह पीठ पीछे तुम्हारी बुराइयां करती है। वह कहती है कि अगर मैं जलपरी को नहीं बचाती तो कब की मर चुकी होती। इसपर भी जलपरी अच्छे से बात नहीं करती है और इस तरह से तमाम बुराइयां करती रहती है। अब तो वह कह रही थी कि मैं जलपरी से कभी मिलाने नहीं जाऊंगी और इसीलिए वह नहीं आने वाली है।  ”

 

 

 

 

 

तब जलपरी ने कहा, ”  ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि  इच्छाधारी नागिन मेरी सबसे अच्छी सहेली है।  ” तब इच्छाधारी नागिन की सहेली ने कहा, ” ठीक है।  तुम देख लेना वह नहीं आएगी।  ” ऐसा कहकर वह दोनों वहाँ से चली गयी।

 

 

 

 

इसके बाद इच्छाधारी नागिन की सहेलियों ने  इच्छाधारी नागिन को भी ऐसे ही भड़काया।  उन्होंने कहा कि, ”  आज हम जलपरी से मिलने गए थे।  तब उसने  कहा कि वह इच्छाधारी नागिन से नहीं मिलना चाहती। इच्छाधारी  नागिन जहरीली है।  ”

 

 

 

इच्छाधारी नागिन ने कहा, ” नहीं वह ऐसा नहीं कह सकती है।  वह मेरी सबसे अच्छी सहेली है।  वह मुझसे मिलने जरूर आएगी। ” उसके बाद वह जलपरी से मिलने पहुंची।

 

 

 

उसने देखा कि समुद्र के तट पर जलपरी नहीं थी। वह  जलपरी को ढूंढने लगी।  कुछ देर बाद  जलपरी वहां पर आई और उसने कहा मुझे पूरा विश्वास था कि  तुम जरूर आओगी और इसीलिए मैं अंदर  बैठकर तुम्हारी राह देख रही थी और तुम्हारे आने के कुछ देर बाद निकली क्योंकि मैं देखना चाहती थी कि क्या तुम यहां से जाओगी या फिर मेरा इंतजार करोगी।

 

 

 

 

तुम्हे  पता है आज  तुम्हारी सहेलियां आई थीं। वे  तुम्हारे बारे में बुरी  कर रही थी।  इसपर  इच्छाधारी नागिन मुस्कुराई और उसने कहा कि, ” उन्होंने मुझसे भी तुम्हारे बारे में इसी तरह की बाते कहीं, लेकिन वह नादान है। उनकी बातों का हमें  बुरा नहीं मानना चाहिए। समय आने पर उन्हें सच्ची दोस्ती के मायने समझ आ जायेंगे। ”

 

 

 

 

इसपर जलपरी ने भी हां कहा।  यह सब बातें इच्छाधारी नागिन की सहेलियां सुन रही थी। वे दोनों तुरंत आई और क्षमा मांगने लगे जलपरी और इच्छाधारी नागिन ने उन्हें क्षमा कर दिया उसके बाद चारों मिलकर अच्छे से रहने लगे।

 

 

जीवन की सच्ची ख़ुशी ( Hindi Kahani To Read ) 

 

 

 

 

3- कोमल एक बहुत ही नटखट लड़की थी।  वह हर कार्य को बड़े ही उत्साह से करती थी। वह पढ़ने में भी बहुत होशियार थी। एक दिन की बात है क्लासटीचर मैडम ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा, ” हर किसी के जीवन में कोई ना कोई लक्ष्य अवश्य होता है। हमें उस लक्ष्य को पूरा करने की क्षमता को हमेशा परखते रहना चाहिए।  ”

 

 

 

 

 

सभी बच्चे बड़े ही ध्यान से उनकी बातों को सुन रहे थे।  फिर उन्होंने कहा, ” हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए कोई शोर्टकट नहीं अपनाना चाहिए।  हमेशा ही सही रास्तों को चुनना चाहिए।  सिर्फ अंकों का अधिक आना ही आपको सफल नहीं बनाता।  अपने जीवन में ज्ञान, सोच, तर्क और सपने को भी रखना भी जरूरी  होता है और स्वप्न भी ऐसा हो जिसमें आपके साथ – साथ । ”

 

 

 

 

कोमल ने हाथ उठाकर पूछा, ” मैडम , मेरे तो कई सारे सपने हैं।  क्या मेरे सभी सपने पूरे हो सकते हैं?’’  ‘‘उन में से कोई एक सपना बताओ?’’ क्लासटीचर मैडम  ने पूछा।

 

 

 

तब कोमल ने कुछ देर सोचने की बाद बोला, ” मैं अपने आप को स्वर्ग की परी के रूप में देखना चाहती हूं। ’’ ‘‘ क्या किसी और भी बच्चे का यह सपना है?’’ क्लास टीचर मैडम  ने पूछा।

 

 

 

 

बच्चे एक दूसरे  का मुंह देखने लगे। कुछ बच्चे तो कोमल की तरफ ऐसे देखने लगे कि उसने बड़ा बेकार सा प्रश्न किया है। कोमल कुछ देर बाद बोली, ” मैडम जी , मैं अपना यह सपना पूरा करने की कोशिश जरूर करूंगी। ’’

 

 

 

 

” इस बच्ची के लिए ताली बजाओ, क्योंकि इसने प्रयास करने का साहस दिखाया।  हम इसके प्रयास को देखने का इंतजार करेंगे। ’’ मैडम ने कहा।

 

 

 

 

उसके बाद मैडम चली गयी, लेकिन कुछ बच्चे कोमल का मजाक बनाने लगे। अब कोमल ने चुनौती तो स्वीकार कर ली थी, लेकिन उसे यह पता नहीं था कि इसे पूरा करने के लिए अब क्या किया जाए ?

 

 

 

 

उसके दिमाग में कई सारे प्रश्न चल रहे थे।  छुट्टी होने के बाद वह घर लौटी। अन्य दिनों की तरह उस ने शाम को एक गिलास दूध पीया, लेकिन खेलने नहीं गई।  वह मम्मी के बगल में जा कर बैठ गई।

 

 

 

 

मम्मी ने उसे प्यार करते हुए पूछा, ‘‘क्या बात है, मेरी नन्ही परी ? इतनी उदास क्यों हो ? ” इसपर उसने पूरी बात अपनी माँ को बता दी।  इसपर उसकी माँ ने कहा , ” तुम बहादुर बच्ची हो, इसी लिए तुम ने यह चुनौती स्वीकार की,’’

 

 

 

 

‘‘लेकिन मम्मी, अब मैं अपने इस सपने को पूरा करने के लिए क्या करूं?’’ कोमल  ने पूछा. ‘‘अपनी आंखें बंद करो और कल्पना करो कि तुम एक परी हो,’’ माँ  ने कहा.

 

 

 

 

कोमल  ने अपनी आंखें बंद कीं और अपने सपने के बारे में सोचने लगी।  ‘‘अब इस कागज पर चित्र द्वारा या लिख कर अपने मन में चल रही बातों को लिखो,’’ कह कर उसकी माँ  ने कोमल  को एक पैंसिल और चार्ट पेपर दिए।

 

 

 

कुछ ही मिनटों में कोमल  ने एक सुंदर सा चित्र बना दिया।  वह चित्र उसने अपनी माँ  को दिखाया। ” वाह, बहुत सुंदर,’’ माँ  बोलीं।  कोमल  ने एक सुंदर सा बगीचा बनाया था, जिस में कई तरह के पेड़ पौधे, फूल, तितलियां, ड्रैगनफ्लाइ, चिडि़या, खरगोश, बतख बने हुए थे और इन के बीच में सितारों से सजी गाउन पहन कर कोमल  खड़ी थी।  उस के दो  सुंदर पंख भी थे।

 

 

 

तभी कोमल  के पापा भी ऑफिस  से आ गए।  उन्होंने कोमल  के स्कूल के बारे में सारी बातें ध्यान से सुनीं। ‘‘तुम बिलकुल सही रास्ते पर हो,’’ पापा ने कहा।

 

 

 

 

‘‘सब से पहले तुम्हारा एक सपना होना चाहिए।  फिर उस से संबंधित चीजों को कागज पर बना लेना चाहिए।  इस के बाद सपने को पूरा करने के लिए योजना बना कर उस पर अमल करना चाहिए और फिर हम उसे अवश्य ही पूरा कर सकते हैं ” उसके पापा ने कहा।

 

 

 

 

कोमल  हैरानी से पापा की ओर देख रही थी. ‘‘तुम हैरान क्यों हो रही हो?’’ पापा ने मुसकराते हुए पूछा। ‘‘हम पहले पौधे लगाएंगे. उन के बड़े होने पर चिडि़यां और तितलियां अपने आप आ जाएंगी,’’ पापा ने कहा. ‘‘लेकिन बतख, खरगोश,  और पंखों वाली परी का क्या होगा?’’ कोमल ने पूछा।

 

 

 

यह सुन कर कोमल  के पापा मम्मी जोर जोर से हंसने लगे। ‘चिंता मत करो,’’ पापा ने कहा, ‘‘पहले जो है उस से तो शुरुआत करो। ’’ कोमल  ने पापा मम्मी की सहायता से अपने घर का एक भाग इस ‘ड्रीम प्रोजैक्ट’ के लिए चुन लिया।

 

 

 

 

मम्मी ने गुलाब, अड़हुल, चमेली, बैगनवेलिया, तुलसी आदि पौधे बगीचे के लिए मंगवा लिए। पापा कुछ गेंदा के बीज ले आए।  कोमल ने अपने नए प्रोजैक्ट पर काम शुरू कर दिया, जिसे उस ने गुप्त रखा था।

 

 

 

 

पापा मम्मी ने उसे यह सिखा दिया कि बगीचे का ध्यान कैसे रखना है। स्कूल से आते ही वह अपने पौधों की ओर भागती।  वह सूरज डूबने तक वहीं रहती, उन में पानी देती और उन का ध्यान रखती।

 

 

 

 

पौधे तेजी से बढ़ने लगे।  कुछ ही महीनों में उस का बगीचा हराभरा हो गया।  वह सुंदर, सुगंधित फूलों से भर गया।  जल्दी ही वहां तितलियां, ड्रैगनफ्लाइ और चिडि़यां आने लगे।

 

 

 

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वादे के मुताबिक पापा बतख, खरगोश  खरीद कर ले आए।  मम्मी ने एक उजली साड़ी को सिल कर गाउन बनाया।  ‘परी’ दिखने के लिए उस में दो छोटे  छोटे पंख भी लगा दिए।

 

 

 

 

 

एक दिन कोमल  ने  क्लासटीचर मैडम  से कहा कि, ” वह सभी को अपना सपना दिखाने के लिए तैयार है। ”  दूसरे दिन कोमल के दोस्त और टीचर उस के घर पहुंच गए।

 

 

 

वहां का दृश्य देख कर सभी हैरान थे।  वहां का पूरा बगीचा स्वर्ग की तरह दिख रहा था।  रंगबिरंगी तितलियां फूलों के ऊपर उड़ रही थीं। मैना और दूसरे पक्षी अड़हुल और बैगनवेलिया के आसपास उड़ रहे थे।

 

 

 

 

नजदीक के पीपल के पेड़ से तोते के गाने की आवाज आ रही थी।  बतख इधर से उधर घूम रहा थी।  खरगोश और पंडुक से बगीचे की सुंदरता और अधिक बढ़ गई थी।

 

 

 

 

वहां गिलहरियां भी दौड़भाग रही थीं. ‘‘बच्चो, तुम इसी तरह अपने सपनों को पूरा कर सकते हो,’’ मैडम ने कोमल की प्रशंसा करते हुए कहा।

 

 

 

” कोमल  के ‘परी’ बनने का सपना पूरा हो गया है।  साथ ही साथ उस के सपने ने एक ऐसी दुनिया भी बना दी, जहां दूसरे जीवजंतु भी प्यार और भाईचारा से रह सकें।  याद रखना, तुम्हारे सपने तुम्हारे साथ साथ दूसरों के जीवन में भी खुशियां ला सकते हैं,’’  मैडम  ने कहा. सभी ने कोमल  के लिए तालियां बजाईं।

 

 

 

 

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1- 5 Kahaniya in Hindi Written / जीवन को शिक्षा देने वाली हिंदी की 5 कहानियां

 

2- 8 Hindi Short Stories Pdf / हिंदी की बेहद रोचक 8 कहानियां जरूर पढ़ें

 

3- Hindi Story 

 

 

Abhishek

नमस्कार पाठकगणों, मेरा नाम अभिषेक है। मैं मुंबई में रहता हूँ। मुझे हिंदी कहानियां लिखना और पढ़ना बहुत ही पसंद है। मैं कई तरह की हिंदी कहानियां लिखता हूँ। इसमें प्रेरणादायक कहानियां दी गयी है। मुझे उम्मीद है कि यह आपको जरूर पसंद आएगी। धन्यवाद।

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