Hindi Story for Beginners Moral Pdf / हिंदी की 3 बहुत ही रोचक कहानियां

Hindi Stories for Beginners

Hindi Story पाठको इस पोस्ट में Hindi Stories For Beginners  की बेहद ही बेहतरीन कहानियां दी गयी हैं। इस पोस्ट Hindi Story For Reading आप एक से बढ़कर एक Hindi Kahani पढ़ेंगे। 

 

 

 

मौसम एक लोककथा ( Hindi Story Writing ) 

 

 

 

एक समय की बात है।  धरती पर कृतिका नामक एक राजकुमारी रहती थी।  एक दिन वह बगीचे में टहल रही थी।  उसी समय मंगल ग्रह के एक राजकुमार की नजर राजकुमारी पर पड़ी।

 

 

 

 

 

राजकुमार राजकुमारी पर मोहित हो गया . वह राजकुमारी के पास आया और प्रणय निवेदन किया . राजकुमारी ने स्वीकार कर लिया . दोनों विवाह बंधन में बंध गए .

 

 

 

 

Hindi Story Writing 

 

 

 

 

कुछ समय पश्चात राजकुमारी ने एक परी सी खुबसूरत पुत्री को जन्म दिया . उसके जन्म लेते ही धरती फूलों से सज गयी . चिड़िया गीत गाने लगी और मौसम सुहावना हो गया .

 

 

 

 

राजकुमारी ने उसका नाम फाल्गुनी रखा .  फाल्गुनी धीरे – धीरे बड़ी होने लगी . राजकुमार और राजकुमारी दोनों उसे खूब प्यार करते थे . दोनों के लाड प्यार में फाल्गुनी युवावस्था में पहुँच गयी .

 

 

 

 

 

अब फाल्गुनी के माता – पिता को उसकी शादी की चिंता सताने लगी . फाल्गुनी की खूबसूरती की चर्चा बड़े दूर – दूर तक फैली हुई थी . रोज अनेकों राजकुमार उसे देखने आते लेकिन फाल्गुनी उन्हें मना कर देती .

 

 

 

 

एक दिन की बात है . एक सुन्दर नौजवान युवक भी फाल्गुनी को देखने आया . उसका नाम आवेश था . वह सूर्य ग्रह का राजकुमार था  . राजकुमारी उसे देखते ही उसपर फ़िदा हो गयी .

 

 

 

उसने राजकुमार आवेश के समक्ष शर्त रखी कि विवाह के बाद उसे भी यहीं रहना होगा क्योंकि वह अपने माता – पिता को छोड़कर नहीं जा सकती है .

 

 

 

आवेश ने उसे बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी . अंत में आवेश ने एक प्रस्ताव दिया कि वह साल के नौ महीने मेरे साथ रहे और साल बचे  तीन महीने मैं उसके इस घर पर रहूंगा .

 

 

 

राजकुमारी मान गयी और दोनों का विवाह हो गया . विवाह के बाद राजकुमारी फाल्गुनी और राजकुमार आवेश सूर्य ग्रह चले गये .  उसके बाद मंगल ग्रह के राजकुमार ने कृतिका से कहा कि, ” हमें भी मंगल ग्रह चलना चाहिए . आखिर कितने वर्ष गुजर गए हैं . ”

 

 

 

इसपर कृतिका ने कहा, ” आप जाओ . मैं अभी कुछ दिन और यहाँ रहना चाहती हूँ . ” उसके बाद राजकुमार मंगल ग्रह चला गया . कृतिका अकेली पड़ गयी .

 

 

 

 

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एक दिन की बात है . वह अकेली टहल रही थी कि इतने में एक बर्फ की राक्षसी वहाँ आई . उसने कहा, ” कृतिका, अब तुम्हारा समय ख़त्म हुआ . अब पूरी धरती पर बर्फ का साम्राज्य होगा . ”

 

 

 

यह कह कर उसने कृतिका को बर्फ से जमा दिया और उसके बाद पुरे धरती पर बर्फ पड़ने लगी . जहां देखो बर्फ ही बर्फ . धरती पर हाहाकार मच गया .

 

 

 

जब यह बात मंगल ग्रह के राजकुमार को पता चली तो उसे बहुत ही बुरा लगा . उसने सूर्य ग्रह के अपने दामाद आवेश और पुत्री फाल्गुनी को इसकी सूचना दी .

 

 

 

उसके बाद तीनो एक साथ पृथ्वी पर आये . आवेश ने क्रोध में बर्फ की राक्षसी से कहा, ” तुम तुरंत ही हमारी सासू माँ राजकुमारी कृतिका को छोडो . नहीं तो मैं तुम्हे पिघला दूंगा . ”

 

 

 

 

Hindi Stories for Beginners To Read

 

 

 

 

बर्फ की राक्षसी जोर से हंसी और बोली, ” मैं उसे नहीं छोडूंगी . अब इस धरती पर मेरा राज है . ” आवेश का गुस्सा और बढ़ गया . उसने तापमान में वृद्धि कर दी और वह राक्षसी पिघलने लगी .

 

 

 

तब राक्षसी ने कहा, ” ठीक है . मैं कृतिका को छोड़ दूंगी लेकिन मेरी एक शर्त है . मैं इस धरती पर तीन महीने अपना राज चलाऊँगी . ” इसपर आवेश क्रोध से बोला, ” मुझे तुम्हारी कोई शर्त मंजूर नहीं . मैं तुम्हे पिघला दूंगा . ”

 

 

 

तब राक्षसी ने कहा, ” ठीक है . तुम मुझे पिघला दो , लेकिन उसकी बाद पृथ्वी पर बाढ़ आ जायेगी . कोई भी नहीं बचेगा और उसके जिम्मेदार सिर्फ तुम होगे . ”

 

 

 

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तब राजकुमारी फाल्गुनी बोली, ” ठीक है . हम तुम्हे समय देंगे . लेकिन सिर्फ तीन महीने ही इस धरती पर तुम रहोगी . ” ठीक है राजकुमारी यह कहकर वह राक्षसी वहाँ से चली गयी .

 

 

 

उसके जाते ही राजकुमारी कृतिका भी आज़ाद हो गयी  और पूरी धरती फिर से स्वर्ग बन गयी . उसके बाद राजकुमारी फाल्गुनी ने अपनी माँ को कृतिका को बताया कि उसे एक पुत्र हुआ है और उसका नाम बरसात रखा गया है .

 

 

 

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तब कृतिका ने कहा, ” कहाँ है वह? क्या तुम उसे लायी हो ? ” नहीं माँ मैं उसे नहीं ला पायी . ऐसे समय में उसे लाना उचित नहीं था . तब कृतिका ने कहा, ” ठीक है . अब तीन महीने फाल्गुनी मेरे संग रहेगी तब पूरी धरा पर वसंत ऋतू होगी . उसके बाद आवेश रहेगा तब गर्मी का मौसम होगा और उसके बाद मेरा पोता बरसात आयेगा और तब बारिश होगी और उसके बाद वह बर्फ की राक्षसी आएगी और तब ठण्ड पड़ेगी . “

 

 

 

सबने कृतिका की बात मान ली और फिर वैसे ही वे आने – जाने लगे और धरती पर मौसम भी बदलता रहा.

 

 

 

 

बुरा सोचने का फल ( Hindi Story Pdf ) 

 

 

 

 

2- एक राज्य में एक राजा अपनी दो पत्नियों के साथ रहते थे।  बड़ी रानी कम खूबसूरत थी तो वही छोटी बहुत ही खूबसूरत थी, इसीलिए राजा छोटी रानी से अधिक प्रेम करते थे और इसी का फ़ायदा उठाते हुए छोटी रानी बड़ी रानी पर रौब जमाती थी।

 

 

 

 

 

एक दिन की बात है छोटी रानी ने राजा से बड़ी रानी की शिकायत कर दी और राजा ने छोटी रानी के सामने ही बड़ी रानी को बहुत डांटा। बड़ी रानी को यह बहुत बुरा लगा और वे रोते हुए जंगल की तरफ चल दी। एक नदी किनारे एक आम के पेड़ के नीचे वे जोर – जोर से रो रही थीं। दोपहर का समय था। तभी नदी में से एक जलपरी प्रकट हुई।

 

 

 

 

उसने रानी से रोने का कारण पूछा, उसपर रानी ने सबकुछ बता दिया।  तब जलपरी ने कहा, ” ठीक है ! अब मैं जैसा कहती हूँ वैसा करो। इस नदी में तीन डुबकी लगाओ और फिर एक पका हुआ आम तोड़ो और उसे खाकर उसकी गुठली को तोड़ दो। ” यह कह कर जलपरी गायब हो गयी।

 

 

 

 

रानी ने ऐसा ही किया। तीन डुबकी लगाते ही रानी अप्सरा जैसी सुन्दर हो गयीं। उनके कपडे नए हो गए। उसके बाद उन्होंने आम तोड़ा और उसे खा लिया।

 

 

 

 

उसके खाते ही उनके अंदर से खुशबू आने लगी और उसके बाद उन्होंने आम की गुठली को तोड़ दिया। उसमें से तमाम सैनिक निकले और एक पालकी आयी और उसमें रानी को बिठाकर वे राजमहल ले गए।

 

 

 

 

जब राजा ने बाहर शोरगुल सुना तो मंत्री से पुछा, ” बाहर क्या हो रहा है? इतना शोरगुल क्यों है ? ”मंत्री ने कहा, ” महाराज बड़ी रानी का जुलुस निकला है। यह शोरगुल उसी का है। ” राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ। तब उन्होंने बड़ी रानी को बुलाया और पूरी कहानी सुनी और उसके बाद उन्होंने छोटी रानी को राज्य से निकाल दिया।

 

 

 

 

छोटी रानी ने चुपके से पूरी बात सुन ली थी। वह भी उसी नदी किनारे आम के पेड़ के पास आई और वहाँ रोने लगी। पहले की तरह फिर से जलपरी प्रकट हुई और उसे तीन बार डुबकी लगाने और फिर आम खाने और उसकी गुठली को तोड़ने की बात कहकर गायब हो गयी।

 

 

 

उसके बाद छोटी रानी ने नदी में तीन डुबकी लगाईं और तीन डुबकी के बाद वह भी खुबसूरत लगने लगी। लेकिन उसने सोचा, ” अगर मैं तीन डुबकी से इतनी सुन्दर हूँ तो अगर चौथी डुबकी लगा लुंगी तो बड़ी रानी से सुन्दर हो जाऊंगी और राजा मुझसे प्रेम करेंगे। ” यह सोचकर उसने जैसे ही चौथी डुबकी लगाईं वह बदसूरत हो गयी और उसके कपडे फटे – पुराने हो गए।

 

 

 

 

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छोटी रानी बड़ी ही परेशान हो गयी। उसने सोचा आम खाने से जरूर कुछ फ़ायदा होगा। उसने जैसे ही आम खाया उसका स्वाद एकदम कड़वा लगा और वह वहीँ बेहोश होकर गिर पड़ी और कुछ ही देर में उसकी मृत्यु हो गयी। इसीलिए कहा गया कभी दूसरों का बुरा नहीं सोचना चाहिए।

 

 

जलज हिंदी कहानी ( Hindi Story Kids ) 

 

 

 

 

3- लगता है इस साल भी बरसात धोखा देने वाली है।  पिछले दो सालों से ऐसे ही चल रहा, अगर इस साल भी बारिश नहीं हुई तो बड़ी परेशानी होगी।

 

 

 

 

जून महीने में बारिश की एक बूँद भी नही गिरी, जुलाई भी ख़त्म हो रही है लेकिन दोचार बूँदों को छोड़कर बारिस का कुछतापता नहीं है. अब तो बस अगस्त महीने की थोड़ी आशा है, अगर अगस्त भी ऐसे ही रहा तो...... फसल चौपट ( यह आवाज़ पीछे से आई)

 

 

 

 

रघु ने पीछे मुड़कर देखा तो उसकी पत्नी गिरिजा देवी खड़ी थी. गिरजा  देवी मैं कब से देख रही हूँ , आप खुद से ही बातें किए जा रहे हो. रघु शिकायती स्वर में क्या करूं, सब भगवान की लीला है, मरे को और मारते हैं. तुम्हें तो समय मिलता नहीं है तो मान हल्का करने के लिये खुद से बातें कर लेता हूँ.

 

 

 

 

गिरिजा निरुत्तर कुछ देर खड़ी रही, फिर बात बदल कर कहा कि चलिए कुछ खा लिजिये, फिर इसके बारे में कुछ सोचा जाएगा.  सुरेंद्र नगर का जय भारत इंटर कालेज, जहां पिछले चार दिनों से हाकी प्रतियोगिता चल रही थी.

 

 

 

कालेज की कहानी

 

 

 

जय भारत इंटर कालेज अभी तक अजेय थी, उसका सबसे बड़ा कारण था उसका सबसे तेज खिलाड़ी प्रथमेश. जब प्रथमेश मैदान में हाकी लेकर आता तो दर्शकों का उल्लास अपने चरम सीमा पर होता था....लोग एक स्वर में नारा लगाते...प्रथम..प्रथम...प्रथमेश.

 

 

 

 

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प्रथमेश भी दर्शकों को निराश नहीं करता, नाम के अनुरूप वह खेल और पढ़ाई दोनो ही क्षेत्रों में बहुत आगे था. प्रथमेश रघु का छोटा बेटा था. उससे पिता का दुख देखा नहीं जाता था, वह किसानों के हर दुख हर समस्यायों से वाकिफ था. एक दिन उसने अपने पिता रघु से पूछा क्या ऐसा नहीं हो सकता कि कम पानी में ही अच्छी फसलें उगाई जा सकें.

 

 

 

बेटा हम पढ़े लिखे तो हैं नहीं, जो अपने पिताजी से विरासत में मिला उसे ही जानते हैं रघु ने कहा.

 

प्रथमेश मैं अपनी पूरी कोशिश करूँगा कि इस विरासत को बदल सकूं.

 

 

 

सुरेंद्र नगर के डी एम दीपक मिश्रा ने एक कार्ड को देखते हुए अपने चपरासी बहादुर को आवाज दिया..बहादुर... बहादुर...लेकिन बहादुर का कहीं पता नहीं....दीपक मिश्रा झुंझला कर अपनी कुर्सी पर बैठे ही थे कि बहादुर वहां हाजिर हो गया.

 

 

 

दीपक मिश्रा कहां चले गये थे...कब से आवाज़ लगा रहा हूँ.

 

बहादुर जी साब, एक बिल्ली गमले के पास बैठी थी उसे ही भगा रहा था.

 

दीपक मिश्रा तुम्हारा नाम बहादुर किसने रखा, तुम एक बिल्ली को भगाने में इतना समय लगाते हो.

 

बहादुर मेरे नाना से साब, मेरा नाम बहादुर रखा.

 

दीपक मिश्रा चुप करो, जाओ फटाफट मेरी गाड़ी तैयार करावो, अभी तुरंत निकलना है.

 

 

 

खेल अपने अपने सबाब पर था, दोनो टीमें मजबूती से खेल रही थी, यह फाइनल मैच था. जय भारत के खिलाफ की टीम भी बहुत मजबूत थी, अभी मुकाबला के बराबरी पर था, की अचानक खेल का रुख़ ही बदल गया, कुछ ही मिनटों में प्रथमेश ने एक के बाद एक गोल दागे, अब मुकाबला का हो गया और यह आख़िरी तक चला, अंत में जय भारत की टीम विजयी हुई.

 

 

 

 

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प्रथमेश को इस अविस्मरणीय खेल की लिए दीपक मिश्रा के हाथों सम्मानित किया गया. दीपक मिश्रा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है.

 

 

 

भारत की अर्थव्यवस्था अच्छी पैदावार पर टिकी रहती है. आज हालत यह है कि कोई खेती करना नहीं चाहता, हालत इतने बिगड़ चुके हैं कि पता चल जाए कि लड़का खेती करता है तो उसके लिए अच्छे रिश्ते आने बंद हो जाते हैं, ऐसे में प्रथमेश ने जो यह चमत्कारी प्रोजेक्ट तैयार किया है जिससे कम पानी में भी अच्छी पैदावार होगी, यह क़ाबिले तारीफ है.

 

 

 

 

इस प्रोजेक्ट लिए इसे राष्ट्रपति कार्यालय से विशेष न्योता आया है. सरकार खुद इस प्रोजेक्ट के लिए फंड उपलब्ध करा रही है. इस प्रोजेक्ट से सभी किसान लाभान्वित होंगे.

 

 

 

प्रथमेश के सम्मान में लोगों ने अपनी अपनी जगहों से उठ कर ताली बजाई. उसकी पिता की आँखें खुशी से भर आई. आज प्रथमेश ने अपना वादा पूरा कर दिया था.

 

 

 

 

 

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Abhishek

नमस्कार पाठकगणों, मेरा नाम अभिषेक है। मैं मुंबई में रहता हूँ। मुझे हिंदी कहानियां लिखना और पढ़ना बहुत ही पसंद है। मैं कई तरह की हिंदी कहानियां लिखता हूँ। इसमें प्रेरणादायक कहानियां दी गयी है। मुझे उम्मीद है कि यह आपको जरूर पसंद आएगी। धन्यवाद।

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