Moral Stories in Hindi For Class 3 Pdf / बच्चों की खूबसूरत कहानी जरूर पढ़ें

Moral Stories in Hindi For Class 3

Moral Stories in Hindi For Class 3 पाठकगणों इस पोस्ट में Short Moral Stories in Hindi For Class 3 की कहानी दी जा रही है।  यह Small Moral Stories in Hindi For Class 3 की बहुत ही शिक्षाप्रद कहानी है।

 

 

 

सतर्कता ( Best Moral Stories in Hindi For Class 3 ) 

 

 

 

1- मित्रों Life  में हमेशा सतर्क रहना चाहिए।  अगर आप सतर्क रहेंगे तो Safe रहेंगे।  अगर आपको कुछ भी गलत लगे तो तुरंत ही अपने घर अपने Parent को बताएं।  आज की कहानी इसी पर आधारित है। 

 

 

 

एक घने में जंगल में एक शेर रहता था. एक दिन उसके पैर में काँटा चुभ गया. काँटा चुभने के कारण उसका चलना मुश्किल हो गया और इस वजह से वह शिकार भी नहीं कर पा रहा था और वह काफी कमजोर हो गया.

 

 

 

शेर कभी भी मरा हुआ शिकार नहीं खाता, लेकिन मरता क्या न करता वह मरे हुए शिकार की खोज में भटकने लगा, जिससे भूख मिटाई जा सके, लेकिन उसकी नसीब बड़ी ही खराब थी.

 

 

 

हिंदी कहानी जरूर पढ़ें 

 

 

 

 

उसे मरा हुआ जानवर भी नहीं मिला. चलते- चलते वह एक गुफा के पास आ पहुंचा. गुफा गहरी और संकरी थी. वह गुफा के अन्दर झाँका तो उसमें कोई नहीं था , लेकिन उसमें किसी जानवर के होने प्रमाण नजर आये. शेर सोचा वह जानवर बाहर गया होगा. क्यों ना इस गुफा में छुपकर बैठ जाता हूँ और जैसे ही जानवर आएगा, उसे खा जाऊँगा.

 

 

 

उस गुफा में एक सियार रहता था. वह बड़ा ही चालाक था. वह सूरज डूबने के साथ ही वापस लौटा तो उसे शक हुआ.उसने सोचा और एक तरकीब निकाली. गुफा के मुहाने से दूर जाकर सियार ने आवाज दी ” गुफा ओ गुफा” गुफा से कोई आवाज नहीं आई.

 

 

 

 

सियार ने फिर आवाज लगाईं ” गुफा ओ गुफा, क्या हो गया है आज तुझे? तू बोलती क्यों नहीं है?” भीतर शेर दम साधे बैठा था. भूख के मारे जान जा रही थी.

 

 

 

वह बस यही सोच रहा था कब सियार आये और वह उसे अपने पेट में पहुंचाए. तभी सियार फिर जोर से बोला “ओ गुफा, रोज मेरे पुकार का जवाब देकर तू अन्दर बुलाती थी. आज क्या हो गया तुझे? मैंने पहले कह दिया है तू मुझे अगर नहीं बुलाएगी तो मैं गुफा में नहीं आऊंगा. मैं जा रहा हूँ?”

 

 

 

जाने की बात सुनते ही शेर हडबड़ाया. उसने सोचा लगता है गुफा सच में सियार को अन्दर बुलाती होगी. उसने तुरंत ही आवाज बदलकर बोला” सियार राजा, अन्दर आ जाओ. ”

 

 

 

मैं कब से तुम्हारी राह देख रही थी”. सियार शेर की आवाज पहचान गया और उसकी मुर्खता पर हंसता हुआ चला गया और फिर कभी लौटकर नहीं आया. मुर्ख शेर भूखा- प्यासा उसी गुफा में मर गया.

 

 

 

Moral Of This Story: सतर्क व्यक्ति को जीवन में कोई मार नहीं सकता है. 

 

 

 

 

मित्रता ( Moral Value Stories in Hindi For Class 3 )

 

 

 

 

2- मित्रता पर आज तक बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन कलयुग में इसे पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। जीवन के सबसे सुन्दर, सबसे सुखद और सबसे प्यारे रिश्ते मित्रता के बारे में इंसान या तो निशब्द रहकर इसके सुखद एह्सास की गहराईयों खोया रहता है और यदि बोलता है तो ऐसे बोलता है कि थामने का नाम ही नहीं लेता है. क्योकि यह रिश्ता है ही ऐसा सुखद और सलोना कि इस पर अपने भाव और विचार  अभिव्यक्त करने वाला कभी थकता ही नहीं है.

 

 

 

 

 

मित्रता किसी प्रयोजन से या आयोजन से नहीं होती है, यह तो बस हो जाती है. इस दुनिया में जितने भी रिश्ते उदात्त भावों से जुड़े हैं , वे स्वयं घटित हुए हैं , कभी प्रायोजित नहीं किये गए. दुनिया के अन्य रिश्ते भी जैसे माँ-बेटी, मां – बेटा, पिता – पुत्री, पिता – पुत्र, भाई -बहन, पति – पत्नी जब मित्रता के भाव में उतर जाते हैं तो बड़े गरिमामय और महिमामय हो जाते हैं.

 

 

 

 

दो व्यक्तियों का एक -दुसरे के प्रति संवेदना , सम्मान, प्यार, समान प्रवृति, समान सोच, समान नजरिया, सामान प्रतिक्रया यह सब मिलकर मित्रता को जन्म देती है.

 

 

 

 

ये सारे विन्दु मित्रता को फूल की तरह पंखुड़ी दर पंखुड़ी विकसित करते और महकाते चले जाते हैं. जब दो लोगों के बीच मित्रता अ बीज पड़ता है तो पता ही नहीं चलता है कि इसका बीजारोपण कब हुआ, कब इसकी कोपलें फूटी, कब वह फूल बना कब वह महका, कब वह मीठे भावों से तरंगायित हुआ , कब मधुर सी संगीत  उसमें समाहित हुई.

 

 

 

 

बस एक पावन और मनभावन प्रक्रिया के तहत यह सब घटित होता जाता है और एक दिन दो लोग अपने को , एक दुसरे के सबसे अच्छे मित्र की रूप में पाते हैं.

 

 

 

 

ट्रेनिंग हिंदी कहानी ( Moral Stories in Hindi For Class 3 )

 

 

 

 

3- मित्रों हमारे शिक्षक जौहरी की तरह होते हैं।  वे अपनी पारखी नजर से छात्रों को पहचान जाते हैं और उन्हें तराश कर सच्चा हीरा बनाते हैं।  मित्रों हमेशा शिक्षकों का सम्मान करो।  शिक्षक समाज बनाते हैं।

 

 

 

 

कुश्ती के उस्ताद गुरु जगत बहादुर का अखाड़ा सुबह 10 पहलवान रोज ही अभ्यास किया करते थे। जगत बहादुर अपने शिष्यों को कुश्ती का गूढ़ से गूढ़तम दांव पेंच सिखाते थे।

 

 

 

 

उनके अखाड़े में एक 10 साल का लड़का प्रत्येक दिन पहुँच जाता था। अन्य पहलवानों की भांति वह भी लंगोट पहनकर कसरत करता था। समय बीतता गया अब वह बच्चा 18 साल का हो गया था। एक दिन वह 20 किलो का मुगदर उठाकर दांए – बांए घूमने लगा जैसे कोई लाठी को घूमता है।

 

 

 

 

उसे मुगदर घूमाते हुए देखकर अखाड़े के पहलवानों के साथ- साथ गुरु जगत बहादुर भी भौचक रह गए। उनकी पारखी निगाहों ने उस 18  साल के बच्चे को परख लिया था। जिसका नाम रोशन था। रोशन में उन्हें भविष्य का पहलवान दिख रहा था। उन्होंने रोशन की परवरिश अपनी देख-रेख में शुरू की। धीरे – धीरे उसने सब दांव – पेच सीख लिए और एक नामी पहलवान बना।

 

 

 

Moral Of This Story- जौहरी को तराशने के उपरांत ही सोने चमक बढ़ जाती है।

 

 

 

हाथी हिंदी कहानी 

 

 

 

4- किसी बात को जब आप विस्तार से सोचेंगे तो आप उसके बारे में ज्यादा जान पाएंगे।  अगर आप सिर्फ रट कर अर्थात बिना उसका मतलब जाने याद करके Exam  पास होना चाहते हैं तो उसका कोई लाभ नहीं है।  आप किसी चीज के बारे में विस्तार से जानिये, यह आपके लिए लाभप्रद होगा।  आज की यह Short Hindi Stories  इसी पर आधारित है।

 

 

 

 

विनीत ने पुनीत को सामने की तरफ दिखाते हुए कहा, “सामने देखो क्या आ रहा है ?”

 

 

 

 

पुनीत ने कहा ,  “हाथी। हाथी ही तो है जो अपने महावत को अपने ऊपर बिठाए हुए जा रहा है। उसके पीछे कुछ कुत्ते भौंक रहे थे। लेकिन गांव के रास्ते के पास कुछ बुजुर्ग आदमी उस हाथी को आदर प्रदान करने के लिए अपने हाथ जोड़कर प्रणाम कर रहे थे।”

 

 

 

 

तुमको हाथी को देखकर कुछ समझ में आया ? विनीत ने पुनीत से पूछा।

 

 

 

 

पुनीत ने कहा, “इसमें समझने वाली क्या बात है। बड़ा डील डौल, लम्बी सूंड़, बड़े सूपकर्ण छोटी दुम, यही तो हाथी की पहचान है। इसमें समझने जैसा कुछ नजर नहीं आता है।”

 

 

 

 

इसपर विनीत ने पुनीत से कहा, “सुनो मैं बताता हूँ, जिस प्रकार एक समर्थ आदमी के सामने उसकी बुराई बुरे आदमी नहीं करते और पीठ पीछे आवाज करते है। वही हाल उन कुत्तों का है। हाथी के सामने से कदापि नहीं भौंक सकते और जो बुजुर्ग लोग करबद्ध होकर प्रणाम कर रहे है, जैसे समर्थ आदमी का सम्मान कर रहे हो और हाथी भी उस समर्थ आदमी की तरह जो हाथ उठाकर सम्मान का पत्युत्तर देते है, ठीक उसी प्रकार अपना सूंड़ उठाकर अपने अभिवादन का प्रत्युत्तर देते हुए आगे जा रहा है।”

 

 

 

 

उसने फिर कहा, ” महावत  का जिक्र किए बिना बात पूर्ण नहीं होगी। जैसे साधु जन अपने मंत्र के प्रयोग से हर प्रयोजन पूर्ण कर लिया करते थे, वैसे ही यह महावत  है। जो अपने छोटे लेकिन महत्वपूर्ण अस्त्र से हाथी को अपने आदेश का पालन करवाता है। ”

 

 

 

 

पुनीत ने कहा, “मैंने तो आज तक इस बात पर गौर ही नहीं किया था और हाथी के विषय में जानकारी देने के लिए धन्यवाद दिया।

 

 

 

 

 

Moral Of This Story- किसी भी बात के ऊपर विचार करने से निष्कर्ष निकलता ही है।

 

 

 

लकीर हिंदी कहानी ( Moral Stories in Hindi For Class 3 ) 

 

 

 

 

5- मित्रों कभी भी डर कर कार्य मत करो।  अगर आपने कुछ गलत नहीं किया है तो आपको डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।  लकीर से हटकर चलने वाला ही इतिहास में नाम दर्ज कराता है।  मित्रों पुरे साहस के साथ आगे बढ़ीये, दुनिया आपकी मुट्ठी में होगी। आज की यह छोटी सी कहानी इसी पर आधारित है। 

 

 

 

 

रामपुर और गोसाईपुर की सीमा आपस में मिलती थी। रामपुर गांव के लोग हमेशा से गोसाईपुर गांव की जमीन का अतिक्रमण किया करते थे।एक बार गोसाईपुर गांव के कुछ लोग अपने जानवरों को जहां दोनों गांव की सीमा मिलती थी, वहीं पर चरने के लिए छोड़ दिये थे।

 

 

 

 

यह देखकर रामपुर वालों ने गोसाईपुर के लोगों को वहां से भगा दिया और कहने लगे यह जमीन हमारी है। यहां जानवर तो क्या कोई आदमी भी नहीं आना चाहिए।

 

 

 

 

बरसों बीत गए गोसाईपुर का कोई भी आदमी उधर जाने की हिम्मत नहीं करता था, क्योकि उनके मन में इतना डर बैठ गया था और उनका साहस इतना कमजोर हो गया था कि वहां जाने पर रामपुर वाले हमें मारेंगे।

 

 

 

 

समय बीतता गया एक दिन गोसाईपुर का नौजवान पिंटू अपने जानवर लेकर उसी जगह पर जा रहा था। जहां गोसाईपुर का कोई व्यक्ति नहीं जाता था।

 

 

 

 

 

सभी लोगों ने उसे भी रामपुर के लोगों का डर बताया। लेकिन वह नहीं माना और अपने जानवरों को लेकर चला गया और शाम तक अपने घर वापस आ गया। उसका यह रोज का काम हो गया था। पिंटू को देखकर अन्य लोगों का भी साहस बढ़ गया और वह भी पिंटू के साथ जाने लगे।

 

 

 

 

Moral Of This Story – भयभीत होकर कार्य नहीं करना चाहिए। 

 

 

 

 

 

 

मित्रों यह Moral Stories in Hindi For Class 3 आपको कैसी लगी जरूर बताएं और  Moral Stories in Hindi For Class 3 Written की तरह की दूसरी कहानी के लिए इस ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी जरूर करें।

 

 

 

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Abhishek

नमस्कार पाठकगणों, मेरा नाम अभिषेक है। मैं मुंबई में रहता हूँ। मुझे हिंदी कहानियां लिखना और पढ़ना बहुत ही पसंद है। मैं कई तरह की हिंदी कहानियां लिखता हूँ। इसमें प्रेरणादायक कहानियां दी गयी है। मुझे उम्मीद है कि यह आपको जरूर पसंद आएगी। धन्यवाद।

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