Top Moral Story in Hindi / अपनी हैसियत और क्षमता कभी नहीं भूलनी चाहिए

Top Moral Story in Hindi / अपनी हैसियत और क्षमता कभी नहीं भूलनी चाहिए

मित्रों आज इस पोस्ट में हम आपको Top Moral Story in Hindi ( अपनी हैसियत और क्षमता कभी नहीं भूलनी चाहिए ) देने जा रहे हैं।  उम्मीद है कि यह कहानी आपको जरूर पसंद आएगी।

 

 

 

Top Moral Story in Hindi

 

 

 

एक गांव में एक कुम्हार रहता था। उसका एक कुत्ता भी था जो उसके घर की रखवाली करता था। कुत्ता जब तक जवान था तो कुम्हार ने उसे बड़े प्यार से रखा और खिलाया पिलाया लेकिन जैसे जैसे कुत्ता बूढा होता गया तो कुम्हार को लगा कि अब यह मेरे किसी काम का नहीं है।

 

 

 

 

अंततः एक दिन आया जब उस कुम्हार ने कुत्ते को घर से निकाल दिया। बेचारा बूढा कुत्ता घर से चला गया और अब उसे खाने के लिए दिक्कत होने लगी। वो किसी भी मोहल्ले में जाता तो वहां के कुत्ते उसे मारकर भगा देते।

 

 

 

 

 

 

 

कुत्ता काफी दिनों तक ऐसे ही भोजन की तलाश में इधर उधर घूमता था लेकिन उसे भोजन नहीं मिला और अगर मिला तो थोड़ा बहुत।

 

 

 

इसलिए कुत्ता परेशान होकर भूखा प्यासा जंगल की ओर चल दिया। कुत्ता जंगल में नीचे नज़र किये हुए जा ही रहा था तभी उसे जंगल में शेर मिल गया।

 

 

शेर को देख कर कुत्ता के होश उड़ गए और उसे लगा कि अब उसका अंत समय गया। लेकिन फिर उसने सोचा कि अब भागने से तो कोई फायदा है नहीं, क्योंकि वो कितना भी तेज़ भाग ले, शेर उसे पकड़ ही लेगा।

 

 

 

इसलिए वो चुपचाप वहीँ खड़ा हो गया। धीरे धीरे शेर उस कुत्ते के पास आया। पास आकर उसने कुत्ते को देखा जो बेहद ही कमजोर और भूखा लग रहा था।

 

 

 

कुत्ते की ये हालत देख कर शेर को उस पर तरस गया और उसने पूछा की भाई तुम्हारी ये हालत कैसे है। तो कुत्ते की भी जान में जान गयी और उसने भी डर डर के अपनी पूरी कहानी सुनाई।

 

 

 

कुत्ते की बात सुनकर शेर को उस पर दया आ गयी और बोला भाई तू चिंता मत कर, चल मेरे साथ मैं तेरे खाने का कुछ बंदोबस्त करता हूँ।

 

 

 

शेर जंगल में अंदर की तरफ चल दिया और कुत्ता भी उसके पीछे पीछे चल पड़ा। थोड़ा आगे पहुंच कर शेर को कुछ दिखाई दिया तो उसने कुत्ते से कहा कि जाकर देख क्या है।

 

 

 

कुत्ता देख कर आया और बोला कि एक मुर्गी चुंग रही है, तो शेर ने कहा कि चल छोड़ मुर्गी क्या खायेगा, बेकार में तेरे दांतों में उसके पंख अटक जायेंगे, इस उम्र में तेरे दांत भी ख़राब हो चुके हैं, तू परेशान हो जायेगा।

 

 

 

आगे कुछ और देखते हैं। ऐसा कह कर शेर आगे चल दिया और कुत्ता पीछे पीछे चल दिया। कुछ दूर चल के शेर को फिर कुछ दिखाई दिए तो शेर ने फिर उसे देख कर आने को कहा।

 

 

 

Top Moral Story in Hindi
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इस बार कुत्ता आया और बोला कि एक भेड़ चर रही है। शेर ने फिर मना कर दिया और बोला कि भेड़ की ऊन तेरे दांतो में फस जाएगी और तू परेशान हो जायेगा।

 

 

 

ऐसा कह कर शेर फिर आगे बढ़ गया। कुछ दूर चलने के बाद शेर को फिर कुछ दिखाई दिया तो उसने फिर कुत्ते को भेजा। इस बार कुत्ते ने बताया की एक गधा घूम रहा है। शेर ने कहा चल फिर आज इसी का शिकार करते हैं।

 

 

 

ऐसा बोल कर दोनों गधे के तरफ चल दिए। शेर गधे के थोड़ा पीछे घात लगा कर खड़ा हो गया और कुत्ते से पूछने लगा।

 

 

शेर: देख मेरे पैर, जमे हुए हैं?
कुत्ता : हाँ हुज़ूर! एकदम खम्बे की तरह जमे हुए है।

 

 

शेर : मेरी पूछ देख, खड़ी है?
कुत्ता : हाँ हुज़ूर! एकदम सीधे खड़ी है।

 

 

शेर : देख में आँखे, लाल हैं?
कुत्ता : जी हुज़ूर! एकदम लाल है। ऐसा लग रहा है जैसे अंगार हों।

 

 

 

इतना सुनते ही शेर ने छलांग लगाई और एक ही वार में गधे को मार गिराया। गधे को मरने के बाद शेर ने कहा, ले अब भर पेट खा और मौज कर। ऐसा बोल कर शेर जंगल में अंदर चला गया। कुत्ते ने भी शेर को धन्यवाद बोल कर विदा किया।

 

 

 

गधा काफी मोटा तगड़ा था तो कुत्ते ने 4-5 दिन तक खूब दावत उड़ाई और खा पी कर एकदम सही हो गया। अब वो खुद से छोटा मोटा शिकार करके अपना पेट भरने लगा। लेकिन उसके मन में घमंड गया कि अब तो मुझे शेर के सारे पैंतरे आते हैं, अब मैं भी शेर की तरह शिकार कर सकता हूँ।

 

 

 

 

अब वो इसी घमंड में पूरे जंगल में घूमने लगा। एकदिन घूमते घूमते उसे एक लोमड़ी मिली जो बहुत दुबली पतली सी थी। लोमड़ी के पास जाकर उसने लोमड़ी से पूछा कि क्या बात है इतनी कमजोर कैसे हो, तो लोमड़ी ने बताया कि शिकार का पीछा करते मेरा एक पैर टूट गया और इस टूटे पैर की वजह से अब मैं शिकार नहीं कर पा रही हूँ और इसलिए पिछले दिनों से भूखी हूँ।

 

 

 

 

अब कुत्ता तो था ही घमंड में क्योंकि अब वो खुद को शेर से कम नहीं समझता था। तो उसने भी शेर की तरह रौब मारा और बोला, चल मेरे साथ मैं तेरे खाने का कुछ बंदोबस्त करता हूँ। ऐसा बोल कर दोनों जंगल में अंदर की और चल पड़े।

 

 

 

अब कुत्ता लोमड़ी को उसी रस्ते पर ले गया जहाँ शेर उसे लेकर गया। अब कुत्ते को तो सब पता था कि कहाँ कहाँ कौन मिलेगा लेकिंग उसे तो लोमड़ी पर पूरा रौब जमाना था, तो उसने लोमड़ी को भेजा और बोला कि देख कर कौन है वहां। लोमड़ी देख कर आयी और बताया कि मुर्गा है।

 

 

 

कुत्ते ने अदाबाज़ी दिखाई और शेर की बाते दोहराई और बोला कि मुर्गा के पंख तेरे दांतों में फस जायेंगे तू परेशान हो जाएगी, आगे चलते हैं।

 

 

 

थोड़ा आगे चल कर उसने फिर लोमड़ी को भेजा कि देख कर आ। लोमड़ी देख कर आयी और बोली जनाब भेड़ चर रही है। कुत्ते ने फिर रौब मारा और बोला कि भेड़ की उन तेरे दांतों में फस जाएगी। थोड़ा आगे और चले तो कुत्ते ने फिर भेजा। इस बार लोमड़ी लौट कर आयी और बोली की गधा चर रहा है। अब कुत्ता बोला हाँ ये शिकार ठीक है, आज तेरी दावत इसी से कराते हैं।

 

 

 

अब कुत्ता गधे के थोड़ा पीछे जाकर शेर की तरह घात लगा कर खड़ा हो गया और बोला

 

 

कुत्ता: देख मेरे पैर जमे हुए हैं?

 


लोमड़ी : नहीं मालिक! ये तो काँप रहे हैं।

 


कुत्ता डांटते हुए: चुप पागल! ये बोल कि खम्बे जैसे जमे हुए हैं।

 


लोमड़ी ने बोल दिया कि हाँ जमे हुए हैं।

 

कुत्ता: मेरी पूछ एकदम सीधी खड़ी हुई है?

 


लोमड़ी: नहीं! ये तो आपकी टांगों में बीच में घुसी हुई है।

 


कुत्ता फिर डांटते हुए: चुप पागल। ये बोल कि हाँ एकदम सीधी खड़ी हुई है।

 


लोमड़ी ने फिर हाँ बोल दिया।

 

 

कुत्ता: देख मेरी आंखें! लाल हैं एकदम अंगार जैसी?

 


लोमड़ी: नहीं! आपकी आँखों में तो कीचड रहे हैं।


कुत्ता डाँटते हुए: ये बोल लाल हैं, अंगार जैसी।


लोमड़ी ने फिर बोल दिया।

 

इतना सुनते ही कुत्ते ने छलांग लगाई। अब था तो वो कुत्ता लेकिन समझ अपनेआप को शेर रहा था। ज्यादा लम्बी छलांग नहीं लगा पाया और गधे के पैरों के पीछे जा गिरा। जैसे ही वो गधे के पीछे गिरा, गधे ने मारी दुलत्ती और कुत्ता वहीँ भगवान् को प्यारा हो गया। कुत्ते की आंख नाक कान में से खून निकलने लगे।

 

 

लोमड़ी बोली भैया तब तो तेरी आंख लाल नहीं थी पर हाँ अब जरूर हैं।

 

 

कहानी का सारांश

 

इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है कि कभी भी अपनी हैसियत मत भूलो। भगवान् ने जैसा आपको बनाया है उसी में खुश रहो और उसी के अनुसार अपनी ज़िन्दगी व्यतीत करो। अगर आप किसी दूसरे के जैसा बनना चाहोगे या उसकी नक़ल करोगे तो हमेशा नुकसान में रहोगे और हर जगह ठोकर ही खाओगे। इस कहानी में कुत्ते ने 3 पेंतरे सीख कर खुद को शेर समझ लिया और उसकी कीमत उसे जान गँवा कर चुकानी पड़ी।

 

 

 

 

मित्रों यह Top Moral Story in Hindi आपको कैसी लगी जरूर बताएं। इस कहानी को आदित्य यादव ने लिखा है। आप अगर कोई स्टेटस डाउनलोड करना चाहते है तो उनकी वेबसाइट Downlodstatus से डाउनलोड कर सकते हैं। 

 

 

 

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